हज़रत चूना शाह बाबा की दरगाह: आस्था और एकता का स्थान हैं। झारखंड के जमशेदपुर में हज़रत चूना शाह बाबा की दरगाह (सूफ़ी दरगाह) आस्था और सद्भाव का प्रतीक है, जहाँ सभी धर्मों के श्रद्धालु आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं।
हज़रत चूना शाह बाबा की दरगाह सभी धर्मों के लिए खुली है। उर्स उत्सव वर्ष में दो बार श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। हजरत बाबा ने अपने जीवनकाल में अनेक चमत्कार किये। भक्तों द्वारा चादरें और लंगर चढ़ाया जाता है। तीर्थयात्री विभिन्न राज्यों से आते हैं और यह मंदिर सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देता है।
जमशेदपुर के मध्य में एक ऐसा स्थान स्थित है, जहाँ पवित्र आत्मा का कोई संप्रदाय नहीं है, और स्नेह सभी जातियों और धर्मों के लोगों को एक साथ लाता है। हज़रत सैयद शाह अब्दुर्रहीम की पवित्र दरगाह, जिन्हें प्यार से हज़रत चूना शाह बाबा कहा जाता है। यह पवित्र स्थान न केवल एक आध्यात्मिक गंतव्य है।
पूरे भारत से लोग, चाहे उनकी आस्था या धर्म कुछ भी हो, दिल में उम्मीद और मुँह में दुआएँ लेकर यहाँ आते हैं। चाहे वह झारखंड का नौकरी का इच्छुक व्यक्ति हो, ओडिशा का बीमार व्यक्ति हो, या बिहार का किसान हो जो बारिश के लिए प्रार्थना कर रहा हो, हर किसी को हज़रत बाबा की दरगाह में राहत मिलती है।
वार्षिक उर्स उत्सव, भव्यता के साथ मनाया जाता है, जिसमें हजारों तीर्थयात्री चादरें चढ़ाने, लंगर (मुफ्त भोजन) में भाग लेने के लिए यहाँ इकट्ठा होते हैं। बाबा के जीवन की सादगी, ईश्वर के प्रति उनकी गहन भक्ति और उनके दिव्य करामात ने उन्हें लाखों लोगों के दिलों में एक अद्वितीय स्थान दिलाया है।